बिहार सरकार द्वारा स्वीकृत "बिहार राज्य शिक्षक स्थानांतरण नियमावली, 2026" के प्रमुख बिंदु निम्नलिखित हैं:
बिहार नई शिक्षक स्थानांतरण नीति 2026 – मुख्य बिंदु
- पूरी तरह ऑनलाइन प्रक्रिया
- स्थानांतरण के लिए आवेदन ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से होगा।
- आवेदन, विद्यालय चयन, आदेश एवं अपील तक पूरी प्रक्रिया डिजिटल होगी।
- सभी सरकारी शिक्षकों पर लागू
- प्राथमिक, मध्य, माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षक, प्रधानाध्यापक एवं प्रधानाचार्य इस नियमावली के दायरे में आएंगे।
- कम से कम 5 वर्ष की सेवा के बाद स्थानांतरण
- सामान्य परिस्थितियों में शिक्षक 5 वर्ष की सेवा पूरी होने के बाद स्थानांतरण के पात्र होंगे।
- 100 अंकों का मार्किंग सिस्टम
- स्थानांतरण मेरिट आधारित होगा।
- विभिन्न मानकों के आधार पर अंक दिए जाएंगे और उसी के अनुसार प्राथमिकता तय होगी।
- महिला शिक्षकों को प्राथमिकता
- महिला शिक्षकों को यथासंभव घर या पति के कार्यस्थल के निकट पदस्थापन देने का प्रयास किया जाएगा।
- मानवीय आधार पर विशेष प्राथमिकता
- गंभीर बीमारी
- दिव्यांगता
- पति-पत्नी (Spouse) मामला
- अन्य विशेष मानवीय परिस्थितियाँ
इन मामलों को प्राथमिकता दी जाएगी।
- खाली पद एवं आवश्यकता के आधार पर स्थानांतरण
- केवल इच्छानुसार नहीं, बल्कि विद्यालय में रिक्त पद, विषयवार आवश्यकता तथा छात्र-शिक्षक अनुपात को ध्यान में रखकर स्थानांतरण होगा।
- पारदर्शी एवं नियमबद्ध व्यवस्था
- पूरी प्रक्रिया पोर्टल आधारित होने से मानवीय हस्तक्षेप कम होगा तथा पारदर्शिता बढ़ेगी।
- अपील की सुविधा
- यदि शिक्षक स्थानांतरण आदेश से असंतुष्ट हों, तो ऑनलाइन अपील कर सकेंगे।
- समिति द्वारा अंतिम निर्णय
- जिला, प्रमंडल एवं राज्य स्तर की समितियाँ नियमों के अनुसार अंतिम निर्णय लेंगी।
- घर/होम ब्लॉक के निकट पदस्थापन का प्रयास
- उपलब्ध रिक्तियों और नियमों के अनुसार शिक्षकों को गृह क्षेत्र या निकटतम स्थान पर पदस्थापित करने का प्रयास किया जाएगा।
संक्षेप में (Quick Revision)
- ✅ ऑनलाइन आवेदन
- ✅ 5 वर्ष सेवा के बाद सामान्य स्थानांतरण
- ✅ 100 अंकों की मेरिट प्रणाली
- ✅ महिला शिक्षकों को प्राथमिकता
- ✅ पति-पत्नी, दिव्यांग एवं गंभीर बीमारी को विशेष वरीयता
- ✅ रिक्त पद एवं छात्र-शिक्षक अनुपात के आधार पर पोस्टिंग
- ✅ ऑनलाइन अपील की सुविधा
- ✅ पारदर्शी एवं डिजिटल प्रक्रिया